यक्षप्रश्न: क्या रिलीजन जोड़ते और शांतिपूर्ण होते है ?

उत्तर:
कुछ रिलीजन तोड़ कर जोड़ते,
कुछ रिलीजन जोड़ कर तोड़ते,
कुछ सिर्फ जोड़-तोड़ का धंधा करते,
या सिर्फ पापी पेट का धंधा करते,
अगर ये रिलीजन सच में सबको जोड़ते और शांति प्रदान करते,
तो सब रिलीजन अलग क्यों होते,
सिर्फ एक ही मानव-रिलीजन क्यों नहीं बनाते,
धंधे-रोजगार में सब-कुछ जुगाड़-जुगत करना जायज होता है,
अपना अपना अलग जुगाड़ है जिसे सब “ऊपरवाला” कहते हैं,
खुराफातें, नीचे वाला, उपर वाले के नाम से डरा कर करता है,
क्योंकि ऊपर वाले का अता-पता “ऊपर-वाला” भी लापता है !!